Makar sankranti history significance its importance – मकर संक्रांति त्यौहार का महत्व

Makar sankranti history significance its importance - मकर संक्रांति त्यौहार का महत्व

Makar sankranti history significance its importance – मकर संक्रांति त्यौहार का महत्व  मकर सक्रांति  हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है मकर सक्रांति पूरे भारत में तथा नेपाल में किसी न किसी रूप में 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है क्योंकि आज के ही दिन सूर्य कर्क रेखा को छोड़कर मकर रेखा की तरफ आते हैं या फिर यूं कहें कि सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं इसलिए इस दिन को कहीं कहीं-कहीं उत्तरायणी भी कहते हैं इस पर्व को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम तथा तरीकों से मनाया जाता…

vastu tips for pooja ghar – वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर की दिशा एवं स्थान

vastu tips for pooja ghar - वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर की दिशा एवं स्थान

vastu tips for pooja ghar – वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर की दिशा एवं स्थान हिंदु धर्म मे आस्था रखने वाले या हिंदु धर्म को मानने वाले को एक घर मे केवल एक ही स्थान पर पूजा करनी चाहिए ऐसा शाश्त्रो मे वर्णीत है. अपने घर में हम लोग पूजा पाठ के लिए मंदिर स्थापित करते हैं इस कारण से की देवी देवता की कृपा हमें मिले कोई इस भावना से नहीं करता कि हमें देवी देवता को अपमानित करना है अथवा उनको नाराज करके उनका श्राप हमें लेना है. लेकिन…

कृष्ण लीला गोवर्धन पर्वत की कथा – Krishna leela govardhan parvat kee katha

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 कृष्ण लीला गोवर्धन पर्वत की कथा – Krishna leela govardhan parvat kee katha गोवरर्धन पूजा की परंपरा द्वापर युग से चली आ रही है. इससे पुर्व इंद्र की पुजा की जाती थी.लेकिन जब भगवान कृष्ण ने गोकुल वासियों को तर्क दिया कि इंद्र से हमें कोई लाभ प्राप्त नहीं होता है. वर्षा करना उनका कार्य है. वह सिर्फ अपना कार्य करते हैं. जबकि गोवर्धन पर्वत गो धन का संवर्धन व संरक्षण करता है जिससे पर्यावरण भी शुद्ध होता है इसलिए इंद्र की नहीं बल्कि गोवर्धन की पूजा हम सभी को…

Govardhan puja – गोवर्धन पूजा

Govardhan puja - गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है – कैसे की जाती है – क्या कथा है – क्या विधि है  भारतीय परंपराओं के अनुसार दीपावली 3 दिन की मनाई जाती है. दीपावली मुख्य रूप से तीन दिनों की होती है. नरक चतुर्दशी या रूप चौदस के रूप में दीपावली के 1 दिन पहले इसे मनाया जाता है दीपावली के दिन मां लक्ष्मी,कुबेर ,श्री गणेश, काली इनकी पूजा पूजा-अर्चना की जाती है और दीपावली के ठीक अगले दिन यानी अमावस्या के ठीक अगले दिन गोवर्धन पूजा करने की अति प्राचीन परंपरा चली…

Chhath Pooja Benefits Ingredients and Process – छठ पूजा का महत्व सामग्री और विधि

Chhath Pooja Benefits Ingredients and Process - छठ पूजा का महत्व सामग्री और विधि

छठ पूजा का महत्व, सामग्री और विधि छठ पूजा हिंदू धर्म में मनाया जाने वाला एक बड़ा त्यौहार है. इसमें सूर्य भगवान की पूजा की जाती है. ये त्यौहार पूर्वी भारत जैसे बिहार, झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश एवम नेपाल में भी मनाया जाता है. ये त्यौहार कार्तिक शुक्ल पछ अक्टूबर से नवम्बर तक के समय कि सश्ठी तिथि को यानि की छठे दिन मनाया जाता है . कुल चार दिनो तक ये त्यौहार मनाया जाता है. इस महापर्व मे देवी छठी एवम सुर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिये स्त्री…

Dhanateras pooja kee vidhi – धनतेरस पूजा की विधि

Dhanateras pooja kee vidhi - धनतेरस पूजा की विधि

धनतेरस पूजा की विधि सबसे पहले चौकी पर एक लाल कपड़ा बिछाये और एक जल पात्र से कलश में शुद्ध पानी भरे और उसमें (कलश पर) मौली बांधे फिर फूल द्वारा थोड़ा सा पानी लेकर उसे अपने घर के मंदिर के आसपास की जगह को शुद्ध करें और फिर रंगोली बनाये. रंगोली के बीच में एक बड़ा मिट्टी का दिया कलश के ऊपर रखे .दिये मे तीन बाती रखे. कलश के दाएं और बाएं तरफ छोटे दिये रखे. फिर कलश के ऊपर (यानि की कलश के सामने के तरफ) श्रीयंत्र…

Diwali Puja Process At Home – Deepavali Pooja – दिवाली पूजा की सम्पूर्ण विधि

Diwali Puja Process At Home - Deepavali Pooja -  दिवाली पूजा की सम्पूर्ण विधि

दिवाली पूजा की सम्पूर्ण विधि – Diwali Puja Process At Home – Pooja   सबसे पहले चौकी पर लाल कपड़ा बिछाये लाल कपडे के बीच में गणेश जी और लक्ष्मी माता की मूर्तियां रखे. लक्ष्मी जी को ध्यान से गणेश जी के दाहिने तरफ ही बिढाये और दोनों मूर्तियों का चेहरा पूरब या पश्चिम दिशा की तरफ रखे. अब दोनों मूर्तियों के आगे थोड़े रुपए इच्छा अनुसार सोने चांदी के आभुश्ण और चांदी के 5 सिक्के भी रख दे. यह चांदी के सिक्के ही कुबेर जी का रूप है. लक्ष्मी जी…

Dussehra Puja At Home – Dussehra Puja Vidhi – Vijaydashmi Pujan Vidhi – दशहरा पूजा विधि शुभ मुहूर्त

Dussehra Puja At Home - Dussehra Puja Vidhi - Vijaydashmi Pujan Vidhi - दशहरा पूजा विधि शुभ मुहूर्त

Dussehra Puja At Home – Dussehra Puja Vidhi – Vijaydashmi Pujan Vidhi – दशहरा पूजा विधि शुभ मुहूर्त दशहरे के दिन हमें पूजा किस प्रकार करनी है आइए जानते हैं. अभिजीत मुहूर्त के – शुभ मुहूर्त के अंदर भगवान श्री राम के चित्रपट को अपने समक्ष रखना है. एक देसी घी का दीपक उनके सामने प्रज्वलित करना है दशहरे के दिन क्षत्रिय लोग अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं और यदि व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो व्यापार में वृद्धि के लिए हम इस दिन अपने लेजर – बही खातों…

Why celebrating Diwali festival – क्यों मनाते हैं दीपावली का त्यौहार

Why celebrate Diwali

Why celebrating Diwali festival – क्यों मनाते हैं दीपावली का त्यौहार रक्त बीज एक ऐसा असुर था जिसके सिर पर ब्रह्मा जी का हाथ था उसे यह अद्भुत वरदान प्राप्त था कि जब भी उसका रक्त की बूंद जमीन पर गिरेगी उससे एक और रक्तबीज का जन्म होगा इस कारण रक्त बीज युद्ध में जैसे अजय बन गया था . वह शक्तिशाली था और देवियों को हासिल करने की विकृत मानसिकता के साथ स्वर्ग पर राज करना चाहता था उसने देवलोक जाकर देवी देवी-देवताओं पर हमला कर दिया सभी को…

Durga puja vijayadashami festival importance – दुर्गा पूजा विजयदशमी पर्व का महत्व

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Durga puja vijayadashami festival importance – दुर्गा पूजा विजयादशमी पर्व का महत्व विजयदसमी मनाये जाने वाला हिंदुओ का एक प्रमुख त्योहार है. यह त्यौहार अक्टूबर के आसपास आने वाले अश्विन पर चंद्र मास में आता हैं. बुरायी के रूप पर अच्छाई की जीत के मान्यता के रूप में इस त्यौहार को विजयादशमी बुलाया जाता है. बहुत दिन पहले महिषासुर नामक एक राक्षस रहता था. भैस के रूप में पैदा हुआ था इसीलिए उसको महिषासुर का नाम पड.  राक्षस होने के नाते महिषासुर इस ब्रम्हांड के तीनों लोको को जीतने के लिए…