shri kashi vishwanath Vishveshwar Jyotirlinga ki katha

shri kashi vishwanath Vishveshwar Jyotirlinga ki katha

shri kashi vishwanath Vishveshwar Jyotirlinga ki katha in hindi विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का यह सातवां ज्योतिर्लिंग है जो उत्तर प्रदेश के काशी में स्थित है शिव पुराण की कोठी रूद्र संहिता में इसकी स्थापना से जुड़ी कथा बताई गई है जिसके अनुसार एक बार भगवान् सदा शिव के मन में एक से दो हो जाने की इच्छा हुई फिर वह सगुण रूप में प्रकट हुए शिव कहलाए और वहीं पुरुष और स्त्री दो रूपों में प्रकट हो गये उनमें जो पुरुष था उसका नाम शिव हुआ और स्त्री शक्ति…

Story behind jyotirlinga – ज्योतिर्लिंग के पीछे की कहानी

Bhimashankar jyurtiling

Story behind jyotirlinga – ज्योतिर्लिंग के पीछे की कहानी भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक बहुत ही पराक्रमी राछस हुआ करता था उसका नाम भीमा था वह कुंभकरण और कर्कटी का पुत्र था. वह अपनी माताके साथ पर्वत पर निवास करता था एक दिन उसने अपनी माता से अपने पिता के बारे में पूछा कि मेरे पिता जी कौन है और कहां है कर्कटी ने बताया कि तो रावण के छोटे भाई कुंभकरण तुम्हारे पिता है जिसे श्री राम ने अपने छोटे भाई…

12 Jyotirlinga names aur katha – 12 ज्योतिर्लिंग का नाम और कथा

Jyotirling ke naam

12 Jyotirlinga names aur katha in hindi – 12 ज्योतिर्लिंग का नाम और कथा महाकालेश्वर शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार उज्जैनी, उज्जैन का हुआ करता था. उज्जैन में चंद्रसेन राजा का साशन हुआ करता था. राजा भगवान् शिव के परम भक्त थे. भगवान शिव के पार्षदों में मणिभद्र पार्षद प्रधान था जो राजा चंद्रसेन का मित्र भी था . एक बार प्रसन्न होकर मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को चिंतामणि नामक महामणि दी जिसे राजा ने अपने गले में धारण कर लिया जिसके बाद उस दिव्य मणि के प्रभाव…

jyotirling ke naam – भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की कथा

jyotirling ke naam - भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की कथा

jyotirling ke naam – भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की कथा भगवान शिव ने धरती पर लोगो को 12 जगहों पर खुद अपने भक्तों को दर्शन दिए और वही 12 जगह आज भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम से जाने जाते हैं. शिव पुराण के अनुसार पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ का नाम आता है प्रजापति दक्ष ने अपनी 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से किया था . चंद्रमा को स्वामी के रूप में पाकर सभी कन्या प्रफुल्लित हो गई थी तथा चंद्रमा भी उन्हें पत्नी के रूप में पाकर निरंतर सुशोभित…

What is Holi and why is it celebrated in – होली क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है

What is Holi and why is it celebrated in - होली क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है

What is Holi and why is it celebrated ? हिंदू कैलेंडर के अनुसार होली फाल्गुन पूर्णिमा में मार्च के महीने में आती है जब गर्मी के मौसम की शुरुवात और सर्दी के मौसम का अंत होता है यानी कि एक नई शुरुआत होती है यही वजह है कि होली को होला शब्द से जोड़कर यह कह दिया गया कि होली शब्द का अर्थ एक नई शुरुआत होता है लेकिन यह सिर्फ मान्यता ही है असल में एक होला स्पेनिश वर्ड है जिससे वहां के लोग नमस्कार या फिर हेलो के…

Mahashivratri vrat Katha – शिवरात्रि की कहानी

Mahashivratri vrat Katha - शिवरात्रि की कहानी

Mahashivratri vrat Katha : प्राचीन काल में किसी जंगल में एक गुरु ध्रुव नाम का शिकारी रहता था जो जंगली जानवरों का शिकार करता था और अपने परिवार का भरण पोषण शिकार से किया करता था एक बार शिवरात्रि के दिन जब गुरु ध्रुव शिकार के लिए निकला संयोगवश पूरे दिन खोजने के बाद भी उसे कोई शिकार ना मिला इस प्रकार दिन भर भूखे प्यासे शिकारी का शिवरात्रि का व्रत हो गया उसके बच्चे पत्नी एवं माता माता-पिता को भूखा रहना पड़ेगा इस बात से वह चिंतित था सूर्यास्त…

Why do we celebrate mahashivratri – महाशिवरात्रि क्यों मनाते हैं

Mahashivratri

Why do we celebrate mahashivratri शिवरात्रि आदि देव भगवान शिव और मां शक्ति के मिलन का महापर्व है हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला यह महापर्व शिव भक्तों को समृद्धि संतान व आरोग्य प्रदान करने वाला है हिंदू धर्म में सारे देवी देवताओं में भगवान शिव शंकर सबसे लोकप्रिय हैं. यह देवों के देव महादेव हैं भगवान शिव बहुत ही सरल स्वभाव के देवता माने गए हैं इसीलिए इन्हें भोले भंडारी के नाम से भी जाना जाता है अतः इन्हें…

Basant panchami in hindi – बसंत पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है

Basant panchami in hindi - बसंत पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है

Basant panchami in hindi बसंत पंचमी कहे, श्री पंचमी कहें या ऋषि पंचमी कहे पर्व एक ही है और यह त्यौहार है बागों में फूलों पर बाहर आने का खेतों में सरसों के सोने जैसा चमकने का जौ और बालियों के खिलने का तथा आम के पेड़ों पर बौर सहित सर्वत्र रंग बिरंगी तितलियों के मंडराने का यही वजह है कि प्राचीन भारत और नेपाल में पूरे साल को जिन छह मौसमों में बांटा गया था उनमें बसंत आज भी लोगों का प्रमोशन है विशेष रूप से भारत में बसंत…

Makar sankranti ki puja vidhi aur muhurat मकार संक्रांति की पूजा विधी और मुहूर्त

Makar sankranti ki puja vidhi aur muhurat मकार संक्रांति की पूजा विधी और मुहूर्त

 Makar sankranti ki puja vidhi aur muhurat  मकार संक्रांति की पूजा विधी और मुहूर्त मकर संक्रांति भारत का सिर्फ एक ऐसा त्योहार है जो हर साल 14 जनवरी को ही मनाया जाता है. यह वह दिन होता है जब सूर्य उत्तर की ओर बढ़ता है. हिंदुओं के लिए सूर्य एक रोशनी, उर्जा और ज्ञान का प्रतीक होता है. मकर संक्रांति का त्योहार सभी को अंधेरे से रोशनी की तरफ बढ़ने की प्रेरणा देता है. एक नए तरीके से काम शुरू करने का प्रतीक है. मकर संक्रांति के दिन पर सूर्य उदय…

सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका और लाभ Right way and benefits of Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका और लाभ Right way and benefits of Surya Namaskar

 सूर्य नमस्कार करने का सही तरीका और लाभ – Right way and benefits of Surya Namaskar सबसे पहले अपने आशन पर खड़े हो जाएं. अपने दोनों पन्जे एक साथ जोड़ कर रखें और पूरा बजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. अपनी छाती फुलाये और कंधे ढीले रखें.     श्वास लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएं और श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ते हुए छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आए. हाथों को ऊपर उठाएं और पीछे ले जाएं फिर बाजुओं को बाइसेप्स यानी कि कानों…