Baba baidyanaath jyotirling devaghar dhaam Ki katha

Baba baidyanaath jyotirling devaghar dhaam Ki katha

वैद्यनशेश्वर ज्योर्तिलिंग रावण ने हिमालय पर कई वर्षो तक भगवान शिव की तपस्या की किन्तु फीर भी शिव जी ने उसे अपने दर्शन नहीं दिए फीर रावण ने एक कुंड का निर्माण कर उसमें अग्नि प्रज्वलित कर दी और एक एक कर अपने शीश को काट कर कुंड में अग्नी को समर्पित करने लगा जब वह अपने अंतिम शीश को काटने जा रहा था तभी शिव जी प्रकट हुए और बोले हे दशानन मै तुमसे प्रसन्न हूं वर मांगो तब रावण ने कहा मै आपका एक शिवलिंग लंका में स्थापित…

Tryambakeshvar jyotirling Mandir nashik

tryambakeshvar jyotirling mandir nashik

त्र्यामकेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का ये ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित है शिव पुराण की कोठी रूद्र संहिता में वर्णित कथा के अनुसार पौराणिक काल में गौतम नाम के एक ऋषि हुआ करते थे जिनकी पत्नी का नाम अहिल्या था एक समय ऋषि गौतम के आश्रम क्षेत्र में 100 वर्षों तक बड़ा भयानक अकाल पड़ा. जिसकी वजह से वहां के निवासी महान दुख में पड़ गए यह देखकर ऋषि मुनि मनुष्य पशु पक्षी वहां से दूसरी जगह जाने लगे व्याकुल होकर गौतम ऋषि जी तपस्या करने लगे फिर…

shri kashi vishwanath Vishveshwar Jyotirlinga ki katha

shri kashi vishwanath Vishveshwar Jyotirlinga ki katha

विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का यह सातवां ज्योतिर्लिंग है जो उत्तर प्रदेश के काशी में स्थित है शिव पुराण की कोठी रूद्र संहिता में इसकी स्थापना से जुड़ी कथा बताई गई है जिसके अनुसार एक बार भगवान् सदा शिव के मन में एक से दो हो जाने की इच्छा हुई फिर वह सगुण रूप में प्रकट हुए शिव कहलाए और वहीं पुरुष और स्त्री दो रूपों में प्रकट हो गये उनमें जो पुरुष था उसका नाम शिव हुआ और स्त्री शक्ति नाम से जानी जाती हैं. शिव शक्ति अदृश्य रहकर…

Story behind jyotirlinga – ज्योतिर्लिंग के पीछे की कहानी

Bhimashankar jyurtiling

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक बहुत ही पराक्रमी राछस हुआ करता था उसका नाम भीमा था वह कुंभकरण और कर्कटी का पुत्र था. वह अपनी माताके साथ पर्वत पर निवास करता था एक दिन उसने अपनी माता से अपने पिता के बारे में पूछा कि मेरे पिता जी कौन है और कहां है कर्कटी ने बताया कि तो रावण के छोटे भाई कुंभकरण तुम्हारे पिता है जिसे श्री राम ने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर मार दिया उनसे पहले मेरे पति…

12 Jyotirlinga names aur katha – 12 ज्योतिर्लिंग का नाम और कथा

Jyotirling ke naam

महाकालेश्वर शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार उज्जैनी, उज्जैन का हुआ करता था. उज्जैन में चंद्रसेन राजा का साशन हुआ करता था. राजा भगवान् शिव के परम भक्त थे. भगवान शिव के पार्षदों में मणिभद्र पार्षद प्रधान था जो राजा चंद्रसेन का मित्र भी था . एक बार प्रसन्न होकर मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को चिंतामणि नामक महामणि दी जिसे राजा ने अपने गले में धारण कर लिया जिसके बाद उस दिव्य मणि के प्रभाव से राजा का प्रभाव और तेज हो गया और उनकी कीर्ति चारो दिशाओं में…

jyotirling ke naam – भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की कथा

jyotirling ke naam - भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग की कथा

भगवान शिव ने धरती पर लोगो को 12 जगहों पर खुद अपने भक्तों को दर्शन दिए और वही 12 जगह आज भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम से जाने जाते हैं. शिव पुराण के अनुसार पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ का नाम आता है प्रजापति दक्ष ने अपनी 27 कन्याओं का विवाह चंद्रमा से किया था . चंद्रमा को स्वामी के रूप में पाकर सभी कन्या प्रफुल्लित हो गई थी तथा चंद्रमा भी उन्हें पत्नी के रूप में पाकर निरंतर सुशोभित होने लगे उन पत्नियों में जो रोहिणी नाम की पत्नी…

What is Holi and why is it celebrated – होली क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है

What is Holi and why is it celebrated - होली क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है

हिंदू कैलेंडर के अनुसार होली फाल्गुन पूर्णिमा में मार्च के महीने में आती है जब गर्मी के मौसम की शुरुवात और सर्दी के मौसम का अंत होता है यानी कि एक नई शुरुआत होती है यही वजह है कि होली को होला शब्द से जोड़कर यह कह दिया गया कि होली शब्द का अर्थ एक नई शुरुआत होता है लेकिन यह सिर्फ मान्यता ही है असल में एक होला स्पेनिश वर्ड है जिससे वहां के लोग नमस्कार या फिर हेलो के तौर पर किसी को विश करने के लिए इस्तेमाल…

Mahashivratri vrat Katha – शिवरात्रि की कहानी

Mahashivratri vrat Katha - शिवरात्रि की कहानी

प्राचीन काल में किसी जंगल में एक गुरु ध्रुव नाम का शिकारी रहता था जो जंगली जानवरों का शिकार करता था और अपने परिवार का भरण पोषण शिकार से किया करता था एक बार शिवरात्रि के दिन जब गुरु ध्रुव शिकार के लिए निकला संयोगवश पूरे दिन खोजने के बाद भी उसे कोई शिकार ना मिला इस प्रकार दिन भर भूखे प्यासे शिकारी का शिवरात्रि का व्रत हो गया उसके बच्चे पत्नी एवं माता माता-पिता को भूखा रहना पड़ेगा इस बात से वह चिंतित था सूर्यास्त होने पर वह एक…

Why do we celebrate mahashivratri – महाशिवरात्रि क्यों मनाते हैं

Mahashivratri

शिवरात्रि आदि देव भगवान शिव और मां शक्ति के मिलन का महापर्व है हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला यह महापर्व शिव भक्तों को समृद्धि संतान व आरोग्य प्रदान करने वाला है हिंदू धर्म में सारे देवी देवताओं में भगवान शिव शंकर सबसे लोकप्रिय हैं. यह देवों के देव महादेव हैं भगवान शिव बहुत ही सरल स्वभाव के देवता माने गए हैं इसीलिए इन्हें भोले भंडारी के नाम से भी जाना जाता है अतः इन्हें सरल तरीकों से भी शीघ्र…

Basant panchami in hindi – बसंत पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है

Basant panchami in hindi - बसंत पंचमी कब और क्यों मनाई जाती है

बसंत पंचमी कहे, श्री पंचमी कहें या ऋषि पंचमी कहे पर्व एक ही है और यह त्यौहार है बागों में फूलों पर बाहर आने का खेतों में सरसों के सोने जैसा चमकने का जौ और बालियों के खिलने का तथा आम के पेड़ों पर बौर सहित सर्वत्र रंग बिरंगी तितलियों के मंडराने का यही वजह है कि प्राचीन भारत और नेपाल में पूरे साल को जिन छह मौसमों में बांटा गया था उनमें बसंत आज भी लोगों का प्रमोशन है विशेष रूप से भारत में बसंत ऋतु का स्वागत करने…